कविताएँ > कितनी होती है?
कितनी होती है?
किसी चीज़ की ज़रूरत कितनी होती है
मिलने लगे तो मुसीबत कितनी होती है
मै चाहता हूँ उसे, बात तो सच है
पर चाहने की हद कितनी होती है
अगर वो भी करले मोहब्बत मुझसे
तो मोहब्बत बेहद कितनी होती है
कितने देर तक उसे देख सकता हूँ मैं
सिर्फ देखने से मोहब्बत कितनी होती है
फूल तो दे दू उसे, इज़हार भी कर लूं पर
टूटे फूलों की क़ीमत कितनी होती है
लिख दू ख़त में गाने भी दो-चार पर
काश सुन पाती धड़कने जो कहती है
जी अक्सर करता है चूम लूँ उसे
पर बिना इजाज़त शिकायत भी तो होती है
एक तरफा प्यार है या साज़िश
कोई बताये उसे मोहब्बत कैसे होती है